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करौली सरकार में आपका स्वागत है

कृपया इसे ध्यान से पढ़ें , इसमें आपके सभी सम्भावित प्रश्नों के उत्तर हैं

नोट - कृपया नीचे दिए जा रहे YouTube के लिंक को क्लिक करके आडियो जरूर सुने ...गुरुजी के कई प्रवचन है, जिन्हें सुने बिना दरबार न आएं

करौली सरकार के दरबार आने से पहले इसे जरूर सुनें,कई बार सुनें

https://www.youtube.com/watch?v=oIjopKe3sWo - आदरणीय गुरु जी

*करौली सरकार का पता *
मानव मंदिर , लव कुश आश्रम
ग्राम - करौली , कानपुर (उ. प्र.) - 208021
( रामा देवी चौराहा से , सनिगवाँ रोड पर , कोरियाँ पुलिस चौकी के पास )

कृपया, दरबार आने से पहले नीचे लिखे नियमों व निर्देशों को ठीक से पढ़ व समझ लें। आपकी बाधाएं दूर होंगी, आप स्वस्थ होंगे, मन में ऐसे सकारात्मक भाव लेकर दरबार आएं ताकि आपको बिना किसी परेशानी के अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो।

उपचार प्रक्रिया- एक नजर

  1. पंजीकरण
  2. भोग प्रसाद (अर्जी) व बंधन
  3. नौ हवन / नमन
  4. अमावस्या कार्यक्रम में भाग लेना/ पितृ मुक्ति कार्यक्रम में भाग लेना
  5. सिद्ध यंत्रों की स्थापना
  6. ब्लैक मैजिक संकल्प / डीएनए ब्रेक कराना
  7. सर्व रोग स्मृति संकल्प
  8. गुरुजी से मुलाकात और बाधा-रोग मुक्ति

उपचार प्रक्रिया- हवन विधि के लिए

  1. करौली सरकार के दरबार में पहुंचकर सर्वप्रथम आपको अपना पंजीकरण काउंटर पर पहुंचकर पंजीकरण कराना होता है। पंजीकरण के पश्चात आपको दरबार का आईडी कार्ड दिया जाता है। उसके बाद ही आप उपचार प्रक्रिया में शामिल हो पाते हैं।
  2. पंजीकरण के पश्चात आपको काउंटर से ही भोग प्रसाद (अर्जी) व बंधन प्राप्त करना होता है।
  3. बाबाजी व माताजी के दरबार में अपने उपचार के लिए प्रार्थना भोग लगाना होता है। आपको जो भी समस्या हो वह माताजी के दरबार में गड़े हुए तीन त्रिशूल को पकड़कर माता जी से प्रार्थना करनी होती है कि जो भी बाधाएं या बीमारियां हमें या हमारे परिवार को हैं, कृपया, उन्हें समाप्त करने की कृपा करें। इसके बाद बाबाजी के दरबार में बंधन किया जाता है, जो जनेउ के जैसा होता है, जिसे आपको हर समय पहने रखना होता है। घर ले जाकर परिवार के शेष सदस्यों को भी यह बंधन पहनाया जाता है।
  4. भोग प्रसाद (अर्जी) व बंधन के पश्चात आपको काउंटर से हवन किट लेनी होती है। पूरी प्रक्रिया में आपको कुल नौ हवन करने होते हैं। ये हवन आप माता जी के दरबार प्रांगण में भी कर सकते हैं या अपने घर व प्रतिष्ठान पर ले जाकर भी कर सकते हैं।
  5. नौ हवन लगातार नौ दिन में भी किए जा सकते हैं, बस यह ध्यान रखा जाए कि यदि इस बीच अमावस्या हो तो उस दिन हवन न किया जाए। और यदि अमावस्या से पहले ही आपके सात हवन पूरे हो गए हैं तो दरबार आकर आप अमावस्या कार्यक्रम में भी भाग ले सकते हैं। यह आपकी इच्छा पर निर्भर है, अन्यथा नौ हवन के बाद अमावस्या के कार्यक्रम में भाग ले ही सकते हैं।
  6. दरबार के हवन, सिद्ध हवन हैं जो 21 अभिमंत्रित सामग्रियों से वैदिक विधि-विधान द्वारा तैयार किए गए हैं। ये हवन आसानी से घर पर ही किए जा सकते हैं। इसके लिए ब्राह्मण, कथा, मंत्र या किसी प्रकार के अन्य अनुष्ठान की कोई पूर्व तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। हवन किट में पूरी विधि व नियम लिखे गए हैं।
  7. नौ हवन पूरे करने के बाद आप किसी भी दिन दरबार आकर शाम को पांच बजे शिव शक्ति दरबार में होने वाले डीएनए ब्रेक व ब्लैक मैजिक संकल्प कार्यक्रम में शामिल होते हैं। परिवार के जिन सदस्यों को आप डीएनए में रखना चाहते हैं, उनका ऊर्जा पथ बनाने का संकल्प करते हैं। ध्यान यह रखना है कि डीएनए ब्रेक में केवल उन्हीं सदस्यों को शामिल किया जाए, जो आपके बेहद प्रिय और विश्वसनीय हों, अन्यथा मनमानी करने वाले परिवारजन आपके लिए समस्या बन सकते हैं।
  8. नौ हवन के बाद ही ब्लैक मैजिक संकल्प कार्यक्रम होता है। इसी कार्यक्रम में पहले डीएनए ब्रेक संकल्प होता है। यदि परिवार के सभी सदस्य एक साथ नहीं हैं तो प्रतिदिन एक व्यक्ति का उसके पहने कपड़े या फोटो रखकर ब्लैक मैजिक कटवाया जा सकता है, लेकिन इसमें ध्यान रखने की बात यह है कि सबसे पहले हवन करने वाला सदस्य अपना ब्लैक मैजिक कटवाए, उसके बाद दूसरे एक-एक सदस्यों का। उसमें भी एक दिन में केवल एक ही व्यक्ति का ब्लैक मैजिक कटवाया जा सकता है। ब्लैक मैजिक संकल्प में नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव को आपसे व आपके डीएनए वाले परिवार से सदा-सदा के लिए समाप्त किया जाता है। इसमें आपकी आने वाली पेशी, हाजिरी भी आजीवन के लिए कट जाती है।
    नोट: इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके हवन के पुण्य में शामिल आपके परिवार के सभी सदस्यों का ब्लैक मैजिक कट चुका हो तभी आप इसके बाद होने वाली सर्व स्मृति रोग चिकित्सा के कार्यक्रम में ले सकते हैं, अन्यथा आपको कोई भी लाभ नहीं होगा।
  9. ब्लैक मैजिक संकल्प सभी सदस्यों का हो जाने के बाद ही अगले दिन सुबह नौ बजे से शिव शक्ति दरबार में होने वाले सर्व रोग स्मृति संकल्प में शामिल होना होता है। यदि सभी सदस्य साथ नहीं हैं तो परिवार के सदस्य के फोटो से संकल्प करना होता है, लेकिन यहां भी नियम यही है कि हवन करने वाले व्यक्ति ने पहले अपना स्मृति संकल्प कर लिया हो, तभी वह दूसरे सदस्यों का प्रतिदिन एक-एक करके फोटो से संकल्प कर सकता है। इस संकल्प से आपकी व आपके डीएनए परिवार की सभी अतीत की स्मृतियां, अंग स्मृतियां, कर्म बंधन, कर्म भोग आदि दोष समाप्त किए जाते हैं। पूर्णतः लाभ तभी मिलता है, जब सभी सदस्यों की स्मृति रोग चिकित्सा हो जाए, अन्यथा दूसरे की खराब या अतीत स्मृतियां आप में व अन्य सदस्यों में घूमती-फिर यात्रा करती रहती हैं, कष्ट देती रहती हैं।
  10. ब्लैक मैजिक, स्मृति रोग चिकित्सा कार्यक्रम के बाद किसी भी एक अमावस्या पर आकर आपको गुरु जी से मिलना होता है। इसी में शेष दुष्ट पितृ मुक्ति होती है। साथ ही दरबार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी होती है, गुरुजी का आशीर्वाद प्राप्त करना होता है। इस दौरान यदि आपकी कोई समस्या किसी तकनीकी कारण से प्रतीत होती है तो गुरुजी उसका पूर्ण निदान भी तुरंत कर देते हैं।
  11. हवन किट के साथ दो सिद्ध यंत्र भी काउंटर से लेने होते हैं। आठवें हवन में एक यंत्र को रखकर उसका पूजन किया जाता है, नौंवे हवन में दूसरे यंत्र का पूजन होता है। प्रथम यंत्र की स्थापना शरीरों के असर के लिए, ताकि कोई गंदगी न आने पाए और दूसरे यंत्र की स्थापना चल व अचल संपत्ति की असुरों से रक्षा के लिए करनी होती है। एक ईंट के रूप में यह अभिमंत्रित सिद्ध यंत्र है, जिसे आपको अपने घर पर कहीं भी ऐसे सुरक्षित स्थान पर रखना होता है, जहां उसे छूने-हटाने की रोज-रोज आवश्यकता न पड़े। वर्ष में दो बार आने वाली नवरात्रि में किसी भी दिन घर में दरबार के सिद्ध हवन में यंत्र का पूजन करके इन्हें फिर से उसी स्थान पर रख दिया जाता है। ये अभिमंत्रित यंत्र आपके परिवार के सदस्यों में, घर, मकान में सकारात्मक उर्जा का स्रोत बनाए रहते हैं और नकारात्मक उर्जा को घर में आने से रोकते हैं।
  12. यदि आपके दो घर हैं या दुकान, प्रतिष्ठान अलग-अलग हैं तब भी आप अपनी सुविधानुसार किसी भी स्थान पर रख सकते हैं। प्रत्येक स्थान पर अलग यंत्र रखने की आवश्यकता नहीं है।
  13. नौ हवन होने के बाद ही गुरुजी से मिलना उचित रहता है। इसके लिए टोकन की व्यवस्था है। गुरुजी एक दिन में केवल सौ परिवारों से ही मिल पाते हैं। ऐसे में सलाह दी जाती है कि पूरी प्रक्रिया के बाद ही गुरुजी से मिलें तो बेहतर रहेगा। आपात स्थिति में गुरुजी की सुविधानुसार टोकन लेकर कभी भी मिला जा सकता है।
  14. पूरी प्रक्रिया के पश्चात आप श्री राधारमण शिष्य संप्रदाय में जुड़ने के पात्र हो जाते हैं। किसी भी पूर्णमासी को दीक्षा कार्यक्रम में शामिल होकर आप गुरु दीक्षा ले सकते हैं और सदा-सदा के लिए अपने डीएनए को बाबाजी के डीएनए से जुड़वाकर जीवन जागृति यात्रा में शामिल हो सकते हैं।

नोट- नियम, निर्देशों व क्रियाओं की विस्तृत जानकारी देने वाली करौली सरकार धाम, एक परिचय पुस्तक में लिखी गई है। पुस्तक काउंटर पर उपलब्ध है। आप शुल्क देकर इसे प्राप्त कर सकते हैं।

  • सभी सिद्ध हवन किट आपको दरबार में स्थित काउंटर से ही लेनी होती है। कोरियर सेवा से मंगवाने के लिए आपको इस मोबाइल नंबर 9369353574 पर संपर्क करना चाहिए। ठगी से बचने के लिए किसी अन्य नंबर पर सम्पर्क न करें।
  • करौली सरकार का दरबार सनातन हिंदू संस्कृति की परंपराओं के अनुसार संचालित है, जिसमें वैदिक नियमों-अनुष्ठानों का पालन होता है। पुनर्जन्म की मान्यता में विश्वास रखने वाले ही यहां लाभ ले पाते हैं, जो भी भिन्न संप्रदायों के लोग पुनर्जन्म मान्यता में विश्वास नहीं करते, जैसे कि इस्लाम को मानने वाले, उन्हें यहां से कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि वे अपनी मान्यता के चलते सनातनी प्रक्रियाओं का पालन ही नहीं कर पाएंगे। इसलिए उन्हें सलाह दी जाती है कि वे दरबार में आकर अपना समय व्यर्थ न करें।
  • यदि आप हवन करने में सक्षम नहीं है तो दरबार की दूसरी विधि (नमन) के द्वारा नियमित रूप से प्रत्येक शनिवार को दरबार में अर्जी एवं हाजिरी लगाकर अथवा अपने घर से ही अपनी श्रद्धा एवं विश्वास के बल पर, बाधाओं से मुक्ति पा जाते हैं।
  • दरबार में एक ही डीएनए परिवार के लोगों की चिकित्सा एक साथ होती है। अर्थात आपके दादा, चाचा व ताऊ तथा सभी भाइयों के परिवार के पूर्वज आपके द्वारा किए जाने वाले नौ सिद्ध हवन में ही मुक्त हो जाते हैं, यदि वे किसी तंत्र जैसे काला जादू या शाप से आदि से ग्रस्त नहीं हैं। इनमें से किसी को भी अलग अलग हवन करने की आवश्यकता नहीं रहती है, लेकिन आपकी ननिहाल पक्ष, आपकी ससुराल पक्ष और आपकी शादीशुदा बेटी की ससुराल पक्ष तथा आपकी बुआ पक्ष के पूर्वजों की मुक्ति हेतु उन्हीं के परिवार के सदस्यों को अलग से हवन या नमन करना होता है।
  • यदि आपकी कोई बेटी या बहन तलाक शुदा है और अभी भी आपके ही साथ रहती है तो उसका डीएनए उसके पति से तुड़वाकर अपने डीएनए से पुनः जुड़वाकर ही हवन शुरू करें।
  • यदि आपकी बहन या बेटी की शादी हो गई है और उसकी ससुराल पहले से ही समस्याग्रस्त है तो उसे अपने ससुराल पक्ष के लिए दोबारा से पूरी प्रक्रिया करनी होगी, क्योंकि अब वह अपने ससुराल पक्ष के डीएनए के उर्जा पथ से जुड़ गई है।
  • दरबार में प्रतिदिन चिकित्सा कार्यक्रम होता है, प्रत्येक शनिवार को, प्रत्येक अमावस्या व पूर्णिमा को मुख्य हवन होता है।
  • दरबार परिसर में बने आश्रम कक्षों में या हाल में आप किराया चुकाकर रात्रि में रूक सकते हैं। अथवा दरबार के बाहर बने वातानुकूलित मां कामाख्या हाल में आप निशुल्क अपने परिवार के साथ रूक सकते हैं।
  • धोखाधड़ी या ठगी से बचने के लिए सलाह दी जाती है कि दरबार में काउंटर पर अधिकृत व्यक्ति से संपर्क करें या जानकारी लें।
  • यदि आप कभी दरबार में नही आए हैं तो इस नम्बर के अलावा अन्य किसी भी नम्बर पर या अज्ञात व्यक्ति से बात न करें। आप दरबार से केवल इस मोबाइल नंबर 9839861919 पर सीधे संपर्क करें।
  • दरबार आने का रास्ता समझने के लिए Google पर Maanav Mandir Hospital या Karauli Sarkar Kanpur टाइप करिए । या फिर निम्लिखित वेबसाइट को देखने का कष्ट करें।
  • व्यस्तता के चलते पूजनीय गुरु जी से फोन पर बात संभव नही है। केवल यदि आप चाहें तो इस WhatsApp Mobile No. 9839861919 पर अपना नाम, पता व बिना चश्मे की खिंची हुई तुरन्त की फोटो भेज दें। केवल वाट्सऐप पर मैसेज द्वारा ही सम्पर्क करें। कृपया इस नंबर पर कॉल न करें अन्यथा आपका नंबर स्वतः ही block हो जाएगा।
    एक बार में केवल एक ही प्रश्न करें, अधिक जानकारी हेतु दरबार में आकर सीधे संपर्क करें

    नोट :इसके अलावा करौली सरकार की अन्य कोई भी वेबसाईट नहीं है ।